जौनपुर। बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह के प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। दो दिन पहले खबर आई की पुलिस की ओर से उनके आवास पर छापेमारी की गई लेकिन इस कार्रवाई के दौरान धनंजय सिंह पुलिस को नहीं मिले। लेकिन अगले दिन ही खबर आई कि बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह वार्ड नंबर 17 से नवनिर्वाचित अकीला बानो के घर जुलूस की शक्ल में, गाजे—बाजे, वाहनों के काफिले संग समर्थकों संग पहुंचे थे। जिसके बाद धनंजय सिंह सहित एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू व 150 लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट व लॉकडाउन के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज किया गया। सवाल यह है कि एक ओर धनंजय सिंह की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही तो दूसरी तरफ वह जुलूस निकाल रहे हैं। आखिर यह सब कैसे संभव है। वहीं अजीत सिंह हत्याकांड में जेल से धनंजय सिंह को जमान मिलने के मामले में भी पुलिसिया चूक की कहानी सामने आई थी। अब तो लोग सवाल उठा रहे हैं कि वाकई धनंजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन गंभीर है अथवा यह सब केवल दिखावा किया जा रहा है।