दिल्ली। पेट्रोल—डीजलों के दाम में आग लगी हुई है। जिसके कारण वाहन चालकों की जेब लगातार ढीली हो रही है। चूंकि पेट्रोल—डीजल का ट्रांसपोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका है, ऐसे में ढुलाई लागत बढ़ने के कारण अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ना भी तय है। कई दिनों से पेट्रोल व डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। देश के कई शहरों में कीमत 100 रुपये तक पहुंच चुकी है लेकिन उछाल अभी भी बना हुआ है। पड़ोसी देशों पाकिस्तान, श्रीलंका व बांग्लादेश से भी अधिक दाम पेट्रोल—डीजल के भारत में हैं। आखिर ऐसा क्यों है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर खामोश दिख रहा है। गुरुवार यानी आज पेट्रोल—डीजल की कीमतों में 30 से 35 पैसे तक की वृद्धि हुई। तेल कंपनियों की ओर से प्रतिदिन पेट्रोल—डीजल के नये दाम जारी किये जा रहे हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में सामान्य पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गये हैं। एक ओर से सरकार की ओर से वन नेशन्स, वन टैक्स यानी जीएसटी की बात की जाती है तो दूसरी तरफ पेट्रोल—डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा रहा है। यदि इसको जीएसटी के दायरे में ला दिया जाए तो काफी हद तक पेट्रोल—डीजल के दाम कम हो जायेंगे, जिससे जनता को राहत मिल जायेगी। अब केंद्र सरकार की भारी भरकम एक्साइज डयूटी व राज्य सरकारों के वैट के कारण पेट्रोल व डीजल के दामों में काफी वृद्धि हो जा रही है। सरकार को दोहरे रवैये का परित्याग करते हुए पेट्रोल—डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। वहीं यदि आप अपने शहर में पेट्रोल—डीजल की कीमत जानना चाहते हैं तो आप अपने मोबाइल में अंग्रेजी के कैपिटल अक्षर में आरएसपी व अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजें। आपके मोबाइल पर तुरंत आपके शहर में पेट्रोल व डीजल का रेट आ जायेगा। हर शहर का कोड अलग—अलग है जो आपको आईओसी की वेबसाइट पर मिल जायेगा।

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