गाजीपुर। संजय राय शेरपुरिया। इस नाम की इंट्री जनपद में हाल ही के दिनों में हुई है। लेकिन यह नाम इन दिनों सुर्खियों में है। इसके पीछे प्रमुख कारण उनके ओर से किया जा रहा एक दावा है, जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। वह बार—बार दावा कर रहे हैं कि कोई नहीं रहेगा बेरोजगार…अब हर हाथ को मिलेगा काम। यह दावा काफी लुभाने वाला है, इसीलिए उन्होंने इसके जरिये हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचने को बाध्य कर दिया। उनके इस दावे को सुनकर 2014 का दौर बरबस याद आने लगता है, किस प्रकार से उस समय मोदी के द्वारा हर खाते में रुपये देने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल है कि क्या ऐसे सब्जबाग, सपनों व दावों का अपना कोई जमीनी वजूद होता है क्या…। देश में आजादी के बाद जब आज तक कोई सरकार हर हाथ को काम देने में सफल नहीं हो पाई तो कैसे यकीन किया जाए कि एक व्यक्ति ऐसा कर सकता है। सरकार के पास तो असीमित संसाधन के साथ पूरी व्यवस्था होती है। जो भी हो समय के साथ हकीकत सामने आने में देर नहीं लगेगी लेकिन सवाल यह है कि क्या इन सबके पीछे कोई सियासी मंशा भी है क्या…। अचानक जनपद में इंट्री और इतना बड़ा दावा, साथ यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के तत्वावधान में करैला में सेंटर फार एक्सीलेंस के भूमि पूजन में दिग्गजों को बुलाने की कवायद। हालांकि सियासी उद्देश्य को लेकर अभी तक सार्वजनिक रूप से कुछ कहा नहीं जा रहा है। लेकिन इतना जरूर है कि जनपद के सियासी क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। संबंधित सियासतदानों के कान खड़े हो चुके हैं क्योंकि राजनीति में छोटी—छोटी घटनाओं का काफी महत्व होता है लेकिन यह सब तो चौंकाने वाले घटनाक्रम हैं, ऐसे में इसको हल्के में लेने की भूल भला कौन कर सकता है।