दिल्ली। यूपी की राजधानी में मुहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह की हत्याकांड के प्रकरण में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर भेदिया कौन है। जिस प्रकार से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे तो तय है कि अजीत सिंह की मुखबिरी की गई थी। दूसरा पहलू यह भी है कि जब 25 से 30 राउंड गोली चली और अजीत सिंह का साथी मोहर सिंह जो कि वारदात के समय स्कार्पियो से उतरकर उनके साथ सटकर चल रहा था, वह जिंदा कैसे बच गया। गोलीबारी होने व अजीत के साथ चलने के बाद भी मोहर सिंह के केवल पैर में गोली लगी है। वहीं अजीत सिंह के सिर में गोली मारी गई। मतलब साफ है कि हत्यारे हर हाल में अजीत सिंह को मौत की नींद सुलाना चाहते थे और वे शार्प शूटर थे। इसी कारण अजीत सिंह के सिर में गोली मारी गई ताकि उनके जीवित रहने की कोई संभावना ही न बचे। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस महकमा लगा हुआ है। भले ही मोहर सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है लेकिन कई एंगल को लेकर उससे भी पूछताछ होगी। पुलिसिया जांच के बाद ही इस बात की पूरी जानकारी मिल पायेगी कि किसने मुखबिरी की थी और शार्प शूटर कौन थे तथा असली मास्टर माइंड कौन है। वैसे हत्यारोपित ध्रुव सिंह के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। उसके घर को गिराने की तैयारी चल रही है।