दिल्ली। समय-समय पर अन्य देशों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिका में लोकतंत्र शर्मसार हुआ। ट्रंप की जबरन सत्ता में बने रहने की जिद व उनके समर्थकों के हंगामे के कारण अमेरिकी संविधान व लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने की कोशिश की गई। एक तरह से पूरी कोशिश जबरदस्ती सत्ता पर कब्जा करने से जुड़ा हुआ है लेकिन फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। गौरतलब हो कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 2020 के नतीजों के बाद से ही ट्रंप व बाइडेन के बीच सियासी रार चल रही है। ट्रंप कई बार चुनावी परिणाम को मानने से इंकार कर चुके हैं। उन्होंने धांधली का आरोप मढ़ा है। ताजा घटनाक्रम के तहत डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने व्हाइट हाउस व कैपिटल बिल्डिंग के बाहर जमकर हंगामा किया। जिसके बाद वाशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया। बाइडेन ने ट्रंप से घेराबंदी खत्म करने व संविधान की रक्षा करने की नसीहत दे डाली। बाइडेन ने कहा कि मैं साफ कर दूं कि कैपिटल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा, हम वैसे नहीं हैं। ये कानून न मानने वाले की छोटी संख्या है। उन्होंने इस हंगामे को राजद्रोह करार दिया। दरअसल निर्वाचन नतीजों पर अमेरिकी संसद की बुलाई गई बैठक से पहले ट्रंप समर्थकों की भीड़ व्हाइट हाउस व अमेरिकी कैपिटल भवन के बाहर इकट्ठा हो गई है। वहीं हिंसा के दौरान गोली लगने से एक महिला की मौत हो गई। साथ ही कई अधिकारी घायल हो गये।

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