दिल्ली। यूपी का बाहुबली मुख्तार अंसारी जो​ कि विधायक भी हैं। वर्तमान में उनके खिलाफ यूपी की योगी सरकार दनादन कार्रवाई कर रही है। मुख्तार अंसारी के सिंडिकेट को पूरे यूपी से खत्म करने की कवायद की जा रही है। करीबियों व उनके रिश्तेदारों पर भी प्रशासन की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है। इन सब कार्रवाइयों में हाल ही के दिनों में तेजी आई है। कुछ समय पहले तक सब कुछ सामान्य था। यदि पूरे मामले को सिलसिलेवार तरीके से समझना है तो हमें कुछ समय पहले जाना होगा। याद कीजिए जब कानपुर के कुख्यात अपराधी विकास दूबे का एनकाउंटर हुआ, उसके बाद खूब हायतौबा मची। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर। योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप तक मढ़ दिया गया। सोशल मीडिया के जरिये लोग विभिन्न पोस्ट करके योगी सरकार से सवाल पूछ रहे थे कि जब विकास दूबे पर इतनी बड़ी कार्रवाई हो सकती है तो फिर अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी के खिलाफ क्यों नहीं। विभिन्न पोस्ट के जरिये लोग मांग कर रहे थे कि अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार कार्रवाई करे। जाहिर सी बात है कि इन सब पूरे घटनाक्रम को लेकर योगी सरकार पर एक दबाव भी था। सोशल मीडिया के जरिये अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर लोग लगातार दबाव बढ़ा रहे थे। दूसरी तरफ कानपुर के बिकरु कांड के बाद पूरी यूपी दहल उठी थी। इन दो चीजों के कारण योगी सरकार की ओर से निर्णय लिया गया कि पूरे यूपी में आपरेशन क्लीन चलाया जायेगा और संगठित अपराध की कमर तोड़ी जायेगी। जिसके बाद से यूपी के योगी सरकार के निशाने पर अतीक अहमद व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी हैं। योगी सरकार की ओर से दोनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुर्गों की गिरफ्तारी से लेकर आर्थिक साम्राज्य पर चोट पहुंचाने तक का काम किया जा रहा है। जिसके कारण अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी के करीबियों में हड़कंप मचा हुआ है।