फिरोजाबाद। यूपी सरकार कहे कि उप्र में आल इज राइट लेकिन जमीनी सच्चाई कहे कि आल इज नॉट राइट इन यूपी। मामला फिरोजाबाद जनपद के जसराना से भाजपा के विधायक राम गोपाल लोधी की पत्नी संध्या लोधी का है। जिनको पहले बेड के लिए भटकना पड़ा फिर उपचार के लिए आठ घंटे इंतजार करना पड़ा। आगरा में उनको बेड के लिए भटकना पड़ा। निजी अस्पताल में उनको वेंटीलेटर नहीं मिला। डीएम के दखल के बाद शुक्रवार की रात 12.30 बजे ​बेड मिला। बेड तो मिला लेकिन उपचार शुरू नहीं हुआ। सांस की तकलीफ बढ़ने पर 2.30 बजे वेंटिलेटर मिला। बताया जा रहा है कि शनिवार को उनकी हालत में सुधार है। मालूम हो कि भाजपा विधायक व उनकी पत्नी संध्या लोधी दोनों कोरोना संक्रमित थे। विधायक का उपचार फिरोजाबाद के ​कोविड अस्पताल में चल रहा था। वहीं उनकी पत्नी को सांस लेने में दिक्कत आने व आक्सीजन स्तर गिरने पर शुक्रवार की शाम उनको एसएन मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां उन्हें पहले कोविड वार्ड में बेड ही नहीं मिला। जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह के ​दखल के बाद रात में 12 बजे भर्ती किया गया। भर्ती होने के बाद भी उपचार शुरू नहीं किया गया। डीएम की ओर से दोबारा एसएन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिया गया, तब जाकर 2.30 बजे मरीज को वेंटिलेटर मिल सका। डीएम का कहना है कि विधायक की पत्नी को बेहतर उपचार मिल रहा है। अब आप सोचिए, यह हाल जनप्रतिनिधियों का है तो फिर जनता के बारे में क्या कहा जाए।