गाजीपुर। कोविड के इस दौर में अब सत्ताधारी दल के कुछ जनप्रतिनिधि यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें जनता की फिक्र है। इसके लिए वह सीएमओ से मिलने के साथ ही निरीक्षण भी कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले तक तो यह सब भी नगणय था। जिस वक्त जिले की जनता को अपने जनप्रतिनिधियों की जरूरत महसूस हो रही थी, उस वक्त किसी का पता नहीं चला। वहीं सोशल मीडिया पर लोग मनोज सिन्हा को लेकर जिक्र कर रहे हैं कि अगर लोकसभा का चुनाव नहीं हारे होते तो शायद गाजीपुरवासियों को जनप्रतिनिधि की कमी नहीं खलती। पूर्व में गाजीपुर का सांसद रहते हुए जिस प्रकार से मनोज सिन्हा की ओर से जिले में विकास के विभिन्न कार्य कराये गये, वे सराहनीय व ऐतिहासिक हैं। लेकिन बीते लोकसभा चुनाव में जनता ने उनको नकारते हुए बसपा के अफजाल अंसारी को बतौर सांसद चुना। हालांकि वर्तमान में मनोज सिन्हा जम्मू—कश्मीर के उप राज्यपाल पद को सुशोभित कर रहे हैं लेकिन आज गाजीपुरवासियों को उनकी कमी महसूस हो रही है।

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