चंदौली। चंधासी कोयला मंडी के नाम से भला कौन वाकिफ नहीं होगा। इसके चर्चित होने के पीछे मुख्य कारण एक जमाने में पूर्वांचल के दो बाहुबलियों के वर्चस्व की लड़ाई भी रही है। अतीत में पूर्वांचल के दो माफिया इस कोयला मंडी पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की होड़ में शामिल रहे हैं। आज भी यहां बाहुबल, रसूख व प्रभाव का तानाबाना देखने को मिलता है। जिसके कारण इसके तार कोयला तस्करी से भी जुड़ते हैं। वहीं अब चंधासी कोयला मंडी पर सीबीआई धमक पड़ी है। दिल्ली से आई टीम कोयला कारोबारियों के खातों को खंगाल रही है। जांच के जरिये यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाहर से आने वाले कोयले की बिक्री के बाद पैसा किन—किन खातों में भेजा जाता है। साथ प्रतिदिन मंडली में कितने ट्रक आते हैं और आने वाले कोयले का इस्तेमाल कहां—कहां होता है। सूत्रों का कहना है कि फैक्ट्रियों के नाम पर कोयला मंगाकर अलग—अलग जगहों पर डंप किया जाता है। इस खेल में पूर्वांचल के कुछ बाहुबली शामिल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस जांच के दौरान टीम को इस खेल से जुड़े कुछ सबूत मिल सकते हैं। पांच दिनों से सीबीआई व प्रदेश की राजधानी की कस्टम टीम डटी हुई है। माना जाता है कि आसनसोल के कोयला तस्कर के मास्टर माइंड लाला से कई कारोबारियों के संबंध हैं। ऐसे में इसका भी खुलासा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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