वाराणसी। पूर्वांचल में दो प्रमुख गैंग हैं। दोनों गैंग के सरगना वर्तमान में जेल की हवा खा रहे हैं। ये माफिया सरगना खाकी का चोला भी ओढ़ चुके हैं। जिसके कारण इनके नाम के साथ बाहुबली सफेदपोश का तमगा जुड़ चुका है। अतीत में इनके बीच हुए कई बार गैंगवार की घटनाओं का लोग गाहे—बगाहे जिक्र करते रहते हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों के बीच पूर्वांचल स्तर पर एक और गैंग लोगों की नजर में आया। इस गैंग का मास्टर माइंड कुख्यात बदमाश हनी सिंह है। इसके गिरोह के लोगों ने पूर्वांचल स्तर पर कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का काम किया। गाजीपुर से बनारस तक माफिया हनी सिंह का आतंक देखने को मिला। लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अब इसके मनोबल को पूरी तरह से तोड़ने का इरादा बना लिया गया है। गैंगस्टर हनी सिंह के मकान को गिराने के लिए सोमवार को भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। हाल के महीनों में सबसे अधिक सुर्खियों में हनी सिंह उस वक्त आया, जब चौकाघाट काल मंदिर के पास गैंगस्टर अभिषेक सिंह प्रिंस सहित दो की हत्या के मामले का आरोप उसके गैंग के उपर लगा। वह पांडेयपुर क्षेत्र का रहने वाला है। उसके उपर सबसे पहले मुकदमा गाजीपुर जनपद में दर्ज हुआ। बरेसर थाने में 2007 में हनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा वाराणसी कैंट, चोलापुर, कोतवाली, सिगरा थाने में भी उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी व जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। मौजूदा वक्त में हनी सिंह जेल में निरुद्ध है। उसके खिलाफ कुल 26 मुकदमें दर्ज हैं। पांडेयपुर स्थित उसके मकान को गिराने के लिए वीडीए, जिला प्रशासन व पुलिस टीम पहुंची।

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