वाराणसी। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालन सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में औड़िहार-गाजीपुर सिटी 40 किमी रेलखण्ड का सुपर क्रिटीकल विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण प्रोजेक्ट वाराणसी मंडल के नन्दगंज- गाजीपुर सिटी 18 किमी रेलखण्ड का विद्युतकृत लाइन के साथ दोहरीकरण के साथ पूर्ण हो गया। वाराणसी-छपरा रेल खण्ड की दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत नन्दगंज -गाजीपुर सिटी के मध्य नवनिर्मित दूसरी विद्युतीकृत लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी परिक्षेत्र, लखनऊ मोहम्मद लतीफ खान द्वारा संरक्षा परिक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) आरके यादव, मंडल रेल प्रबन्धक, वाराणसी विजय कुमार पंजियार, मुख्य विद्युत इंजीनियर संतोष बैरवा, मुख्य इंजीनियर निर्माण पन्नालाल, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर निर्माण नीलाभ महेश, मुख्य विद्युत डिजाइन इंजीनियर आरके गुप्ता, उप मुख्य इंजीनियर निर्माण अरुण कुमार, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर निर्माण एसपी यादव, उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार निर्माण आशुतोष पांडेय समेत उप मुख्य संरक्षा अधिकारी बीके शर्मा उपस्थित थे।
रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने सबसे पहले गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और दोहरीकरण सह विद्युतीकृत रेल खण्ड के मानक के अनुरूप यार्ड प्लान, इंटरलॉकिंग स्टैण्डर्ड, ब्लाक यन्त्र, स्टेशन वर्किंग रूल, केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, पैदल उपरिगामी पुल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिगनल स्थापन, बर्थिंग ट्रैक बैलास्ट, ओवर हेड ट्रैक्शन की ऊँचाई, सिगनल ओवर लैप, फाउलिंग मार्क, सैंड हम्प, पैनल इन्टरलॉकिंग, फीडर पावर सप्लाई वितरण प्रणाली तथा नियंत्रण फीडर आइसोलेशन आदि की संरक्षा परखी । गाजीपुर सिटी स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण के मुताबिक विकसित विभिन्न कार्यो का निरीक्षण में सभी कार्य मानक के अनुरूप पाया।
तदुपरान्त रेल संरक्षा आयुक्त मोटर ट्रॉली से गाजीपुर सिटी-नन्दगंज ब्लाक सेक्शन के निरीक्षण के लिए रवाना हुए। रेल संरक्षा आयुक्त ने गाजीपुर सिटी-आंकुशपुर रेल खण्ड, आंकुशपुर- सहेड़ी हाल्ट-नन्दगंज के मध्य अंडरपास सब वे के मानकों, दोहरीकरण के अनुरूप क्रॉसओवर लाइन विद्युतकर्षण लाइन फिटिंग्स, ओवर हेड ट्रैक्शन लाइन की नई लाइन से मानक ऊँचाई, 05 समपार फाटकों, कर्वेचर, पुल पुलियाओं तथा ब्लाक सेक्शन में दोहरीकृत सह विद्युतीकृत स्टैंडर्ड मानकों के अनुसार नई लाइन फिटिंग्स, संस्थापित नए सिगनलों टर्न आउट्स, बैलास्टिंग एवं पैकिंग, कर्वेचर पर क्लियरेंस तथा दोहरीकरण के अनुरूप समपार फाटकों बूम लॉक व हाइट गेजों के संस्थापन सुनिश्चित किया। नन्दगंज स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण के मुताबिक विकसित विभिन्न कार्यो का निरीक्षण किया साथ ही स्टेशन वर्किंग रूल और सभी कार्य मानक के अनुरूप करने का निर्देश दिया ।
ज्ञातव्य हो कि रेलवे विद्युतीकरण के साथ औड़िहार-गाजीपुर 40 किमी का दोहरीकरण अत्यंत जटिल परियोजना आज 24.03.2021 को पूरी हो गयी। यह परियोजना एक वर्ष के भीतर तीन चरणों में, अक्टूबर -20 के महीने में औड़िहार -तरांव 13 किमी, नवम्बर -20 के महीने में तरांव -नंदगंज 09 किमी और नंदगंज-गाजीपुर सिटी 18 किमी मार्च -21 के महीने में पूरी की गई है। इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है की कोरोना काल में अधिकांश कार्य संपन्न किया गया ।
उपरोक्त परियोजना औड़िहार -छपरा मार्ग पर पड़ती है और औड़िहार जंक्शन पर एक छोर और दूसरे छोर में गाजीपुर से जुड़ा हुआ है। इस परियोजना में गाजीपुर सिटी की रेक हैंडलिंग साइडिंग को जून/जुलाई 20 के महीने में नंदगंज में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसने गाजीपुर सिटी में माल यातायात को कम कर दिया। नंदगंज में साइडिंग को संभालने वाली नई रेक वाराणसी से गोरखपुर को जोड़ने वाले चार लेन राजमार्ग के बहुत करीब है। COVID-19 महामारी के कारण यह वर्तमान वित्तीय वर्ष बुरी तरह से प्रभावित हुआ था जो COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी कार्यों को पूरा करने के बाद से बहुत चुनौतीपूर्ण था। परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: - परियोजना की स्वीकृती वर्ष-2014-15, परियोजना -302 करोड़ की नवीनतम स्वीकृत लागत, 2 नग नए प्रमुख पुल और 20 नग नए छोटे पुलों का निर्माण।, 3 स्टेशनों पर आईलैंड प्लेटफार्म और 3 स्टेशनों पर इंड प्लेटफार्म का निर्माण किया गया। कुल 6 क्रासिंग स्टेशन और दो हॉल्ट स्टेशन हैं।
सभी 6 स्टेशनों पर नए एफओबी उपलब्ध कराए गए। कुल 92 टर्नआउट और 11 डीएस रखी गई हैं। कुल 9 नग नई लूप लाइनें बनाई गईं। वहीं सीआरएस स्पेशल ट्रेन अपनी स्पीड ट्रायल में नंदगंज से गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन तक की दूरी 14 मिनटों में पूरी की। ट्रायल के दौरान स्पेशल ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 125 किमी प्रति घंटे रही। यह जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार की ओर से दी गई।

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