दिल्ली। किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। देश में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से मीठी क्रांति की शुरुआत की गई है। बीते वर्ष दिसंबर में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की ओर से इसको लेकर बकायदे एलान किया गया था। कृषि मंत्री ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन आफ इंडिया लिमिटेड यानी नाफेड के शहद किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि एफपीओ बनने से देश में शहद के उत्पादन में क्रांति आयेगी। जिसके कारण किसानों के आय में इजाफा होगा। योजना के अनुसार पांच राज्यों में शहद किसानों के लिए एफपीओ का शुभारंभ किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश का मुरैना, बंगाल का सुंदरबन, बिहार का पूर्वी चंपारण, राजस्थान में भरतपुर व यूपी में मथुरा का नाम शामिल है। यहां नाफेड के जरिये एफपीओ बनाये गये हैं। भविष्य में 10 हजार एफपीओ बनाने की मंशा सरकार की है ताकि किसान बड़े स्तर पर शहद का उत्पादन करके अच्छी कमाई कर सकें। मीठी क्रांति का मूल उद्देश्य सरकारी सहायता देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की गई है। छोटे व मंझोले शहद किसानों को विशेष रूप से इस फंड का लाभ देने की योजना है। गौरतलब हो कि भारत सरकार की मंशा विदेशामें शहद निर्यात करना है। इसके जरिये होने वाली आमदनी को किसानों के खाते में भेजी जायेगी। वर्तमान में देश के अंदर लगभग सवा लाख टन शहद का उत्पादन होता है। आने वाले 5 वर्षों में इस लक्ष्य को दुगुना करना सरकार की मंशा है। मौजूदा समय में 10 हजार किसान शहद उत्पादन के कार्य से जुड़े हैं।

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