गाजीपुर। एक समय था, जब बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बाहुबल का डंका जनपद ही नहीं गैर प्रदेशों में भी बजता था। जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था, वह भी उनको अपना रिश्तेदार बताते थे। आज समय बदल चुका है। कोई खुद को सार्वजनिक रूप से मुख्तार अंसारी का समर्थक तक नहीं कहता है क्योंकि मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों पर शासन की निगाहें टेढ़ी हैं। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी व उमर अंसारी के नाम से नगर के महुआबाग में संचालित गजल होटल को शहर में अंसारी कुनबे के रसूख से जोड़कर देखा जाता था। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व उनके कुनबे के लोगों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन ऐसा भी वक्त आयेगा, जब उनके रसूख पर शासन व प्रशासन का बुल्डोजर चलेगा। लेकिन कहा जाता है कि समय कभी एक जैसा नहीं रहता है। आज कुछ ऐसा ही मुख्तार अंसारी के सा​थ भी हो रहा है। एक वक्त में मुख्तार अंसारी का नाम ही काफी था लेकिन आज उनके गजल होटल के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हो गया। सुबह ही पांच पोकलैंड के साथ मौके पर प्रशासन धमक पड़ा। आदेश के मुताबिक चिहिृत हिस्सों को ढहाने का कार्य शुरू किया गया। रात में ही ढहाने वाले हिस्से का सीमांकन कर लिया गया था। साथ ही प्रशासन की ओर से तैयारियों को भी अंतिम रूप दे दिया गया था। रात में ही गजल होटल के पास तमाशाबीनों की भीड़ जुटी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि शाम होने से पहले तक प्रशासन आदेश के मुताबिक गजल होटल के चिहिृत हिस्से को ​ढहा देगा जो कि अवैध है। इस दौरान महुआबाग में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के जवान तैनात हैं।