दिल्ली। जम्मू—कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पद मिलने के बाद बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं। जम्मू—कश्मीर में आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और विकास ग्राउंड पर लोगों को नजर आए, इसके लिए वह एक्शन मोड में हैं। बताया जा रहा है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैयां कराने व विकास के विभिन्न कार्यों को लेकर वह एक दिन में तीन से चार बैठकें अधिकारियों संग कर रहे हैं। कभी—कभी यह संख्या इससे भी उपर चली जा रही है। जम्मू—कश्मीर में गरीबी उन्मूलन से लेकर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैयां कराने को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से बैठकों में संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा—निर्देश दिए जा रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाए। इन चीजों को आप इसी से समझ सकते हैं कि उपराज्यपाल बनने के बाद मनोज सिन्हा अपने सलाहकार आरआर भटनागर, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहम्यम व वित्त आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करके कोविड19 से निपटने को लेकर जानकारी लिए। साथ ही अहम दिशा—निर्देश भी दिये। उन्होंने महाराजा हरि सिंह अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा जम्मू—कश्मीर में शिक्षा के क्षेत्र में उपराज्यपाल की ओर से कई अहम निर्देश दिये गये हैं ताकि स्वस्थ शैक्षणिक माहौल में पठन—पाठन का स्तर और बेहतर किया जा सके। कुल मिलाकर पूरी कवायद की मंशा यही है कि ग्राउंड स्तर पर लोकतांत्रिक पद्धति का विस्तार हो। आमजन में विश्वास बहाली के संग ही राजनीति धारा को भी स्वस्थ तरीके से शुरू करने की है। यदि यह सब चीजें सफल रहीं तो उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

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