दिल्ली। यूपी ने एक ऐसा दौर भी देखा है, जिसमें बाहुबलियों व माफियाओं का सिक्का चलता था। जेल में दरबार सजता था। जेल के अंदर बासमती धान की खेती से लेकर मछली पालन तक माफिया व बाहुबली करते थे। जेल के अंदर से ही फिरौती वसूली व अपराधिक कारनामों को अंजाम देने का काम जरायम की दुनिया के खिलाड़ी किया करते थे। जेल के बाहर होने पर इन माफियाओं व बाहुबलियों का पूछना ही नहीं था, पूरा सिस्टम इनके आगे नतमस्तक नजर आता था। लेकिन अब समय बदल चुका है। जब से यूपी में योगी सरकार आई है, तभी से बाहुबलियों व माफियाओं की शामत आई हुई है। योगी सरकार की ठोंको नीति कारगर साबित होती नजर आ रही है। यही कारण है कि आज की तारीख में कई माफिया व बाहुबली यूपी छोड़ दिए हैं। कोई पंजाब में शरण लिए हुए है तो कोई किसी अन्य प्रदेश में। यूपी के ज्ञानपुर विधायक विधायक विजय मिश्र जैसा बाहुबली गिड़गिड़ा रहा है, उसे अपनी जान का खतरा सता रहा है। यह वही विजय मिश्र हैं, जिनके उपर अपराधिक मुकदमों की लंबी फेहरिश्त है। योगी सरकार में बड़े—बड़े माफियाओं की कमर टूटती हुई नजर आ रही है। गुर्गों का एनकाउंटर से लेकर उनकी संपत्ति को कुर्की तक किया जा रहा है। माफियाओं व बाहुबलियों पर प्रशासन का ऐसा हनक व तेवर किसी अन्य शासनकाल में देखने को नहीं मिला था। यूपी में अब कई माफियाओं के गुर्गों की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। यूपी में संगठित अपराध को खत्म करने के लिए योगी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

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