दिल्ली। सच्चाई ज्यादा दिन छिप नहीं सकती है। झूठ के लाख परतें जमा हों लेकिन सच्चाई आज नहीं तो कल इन परतों से बाहर आ ही जाती है। चीन, झूठ बोलना व दुनिया से अपने राज छिपाना जिसकी फितरत है, उसको आखिरकार यह कबूल करना पड़ा कि भारतीय सैनिकों के हाथों उसके सैनिक मारे गये थे। हालांकि अभी भी मारे गये अपने सैनिकों की वास्तविक संख्या को वह छिपा रहा है। चीन ने पहली बार माना है कि बीते वर्ष जून में लद्दाख की गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में उसके चार सैनिक मारे गये थे। चीन के अखबार पिपुल्स डेली अखबार के एक ट्वीट के हवाले से एएनआई की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। अखबार में दावा किया गया है कि चीन ने स्वीकारोक्ति के साथ ही इन जवानों को मरणोपरांत पदक देने की घोषणा की है। गौरतलब हो कि गलवन वैली में यह झड़प उस वक्त हुई थी, जब भारतीय सैनिक अपनी सीमा से चीनी सैनिकों को वापस जाने के लिए कहने लगे। इसी बीच चीनी सैनिकों ने कंटीले तार लगी हुई लोहे की रॉड से भारतीय सैनिकों पर जानलेवा हमला बोल दिया था।

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