आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बडे़ खतरों में से एक है। इसे किसी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता और न ही अपराधियों को पीडि़त के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मानवाधिकार परिषद के 46 वें सत्र को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कही। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, आतंकवाद मानवता के खिलाफ अपराध है। यह मनुष्य के सबसे प्रमुख जीने के अधिकार को खत्म करता है। इस समय दुनिया में जो हालात हैं उनमें यह मानवता के लिए सबसे बड़े खतरों में शामिल हो गया है। भारत आतंकवाद से सबसे ज्यादा पीड़ित देशों में शामिल है। वह आतंकवाद के खिलाफ एकजुट वैश्विक कार्रवाई का पक्षधर है।
जयशंकर ने कहा, आतंकवाद के समर्थन को किसी भी बहाने से सही नहीं ठहराया जा सकता। विदित हो कि पाकिस्तान दशकों से आतंकियों का पनाहगाह बना हुआ है। वहां की सरकार आतंकवाद को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने जनवरी में संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद से मुकाबले के लिए आठ बिंदुओं की कार्ययोजना प्रस्तुत की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देश और बाकी के देश मिलकर इस कार्ययोजना पर कार्य कर सकते हैं और आतंकवाद पर काबू पा सकते हैं।

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