गाजीपुर। जिले के अंदर सपा के अंदरखाने गजब की सियासत देखने को मिल रही है। दो विधानसभा सीटों के लिए यदुवंशी समाज से जुड़े दावेदारों ने ताल ठोंककर पार्टी के अंदर की राजनीति को काफी दिलचस्प बना दिया है। इससे पहले यह जानना जरूरी है कि जंगीपुर विधानसभा सीट ही एकमात्र ऐसी सीट है, जहां पर लंबे समय से सपा का परचम लहरा रहा है, वह भी यदुवंश के नाम से। मोदी व योगी लहर के बावजूद सपा के डा. विरेंद्र यादव जंगीपुर विधानसभा सीट से विधायकी जीतने में पूरी तरह से सफल रहे। इससे पूर्व उनके पिता व दिग्गज समाजवादी नेता स्व. कैलाशनाथ यादव इस सीट से लगातार जीत दर्ज करते रहे। दूसरी तरफ सदर विधानसभा सीट से संतोष यादव तो जमानियां से रवि यादव की ओर से दावेदारी की गई है। दोनों युवा चेहरे हैं और सपा के प्रति पूरी तरह से समर्पित। सबसे रोचक मामला जमानियां विधानसभा क्षेत्र का है। यह क्षेत्र एक तरह से दिग्गज समाजवादी नेता व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह का माना जाता है। वह सांसद से लेकर विधायक तक रह चुके हैं। यह और बात है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनको करारी हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस बार उनकी दावेदारी को चुनौती देने का काम रवि यादव की ओर से किया गया है। हालांकि अभी भी सपा में ओमप्रकाश सिंह को मजबूत माना जाता है, भले ही परिस्थितियां कितनी ही क्यों न बदल गई हों। जनपद व पूर्वांचल में ओमप्रकाश सिंह की पहचान बतौर खाटी समाजवादी नेता की है। दमदारी के साथ अपने लोगों की पैरवी करने के लिए ओमप्रकाश सिंह को जाना जाता है। यही कारण है कि जमीन पर भी उनकी पकड़ काफी मजबूत है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि रवि यादव किस हद तक ओमप्रकाश सिंह को चुनौती दे पाते हैं। वहीं यदि बात की जाए सदर विधानसभा सीट की तो यह क्षेत्र बिंद बाहुल्य माना जाता है, वहीं संतोष यादव की ओर से भी यहां से दावेदारी की गई है। वैसे आने वाले दिनों में विभिन्न विधानसभा सीटों के लिए कई और दावेदारों के नाम प्रकाश में आने तय हैं। सपा की राजनीति के हिसाब से आने वाले दिन और अधिक रोचक होने वाले हैं। ऐसे में पूरी कहानी समझने के लिए इंतजार करना ही मुनासिब होगा क्योंकि सभी दावेदार अपनी दावेदारी पक्का करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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