दिल्ली। डाक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है क्योंकि वह हमारी जान बचाने का कार्य करता है। एक और डाक्टर होता, जिसको पीएचडी की डिग्री के बाद यह तगमा मिलता है। लेकिन हम जिस डाक्टर की बात कर रहे हैं, वह इन सबसे जुदां है। यह डाक्टर जरायम की दुनिया से जुड़ा है। इसका नाम गिरधारी है। इसकी पहचान 42 वर्षीय एक शार्प शूटर के रूप में है। गिरधारी के अलावा उसको डाक्टर व कन्हैया उर्फ विश्वकर्मा उर्फ लोहार के नाम से भी जाना जाता है। यूपी के वाराणसी से संबंध रखने वाला यह शार्प शूटर बेखौफ व दुस्साहसी माना जाता है। यूपी की राजधानी लखनउ में पूर्व प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड के मामले में गिरधारी की गिरफ्तारी दिल्ली में हो चुकी है। लेकिन यूपी सरकार जिस प्रकार से अपराधियों को कुचलने का दम भरती है, एक तरह से गिरधारी उप्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को चुनौती देने का कार्य किया है। अजीत सिंह हत्याकांड में कुल 35 राउंड गोलियां चली थीं। इसी से आज अंदाजा लगा सकते हैं कि वारदात के वक्त वह क्षेत्र किस प्रकार गोलीबारी की आवाज से गूंज उठा होगा। गिरधारी की दिल्ली में पुलिस के हाथों गिरफ्तारी भी कम नाटकीय नहीं है। पहली चीज वारदात के बाद कैसे वह आसानी से यूपी की सीमा से फरार होने में सफल रहा। इसके बाद कैसे बड़े आराम से दिल्ली पुलिस उसको एक मॉल के बाहर से टहलते हुए दबोच ली। उस दौरान उसके पास से न मोबाइल मिला और न ही कोई हथियार। क्या एक खूंखार शार्प शूटर किसी बड़े वारदात को अंजाम देने के बाद बगैर हथियार के बेफिक्र होकर सड़कों पर टहलता हुआ नजर आयेगा। यह तमाम ऐसे सवाल हैं जो उठ रहे हैं। ये सवाल इस बात की ओर से इशारा कर रहे हैं कि गिरधारी को किसी सफेदपोश की ओर से संरक्षण दिया गया था। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार गिरधारी का तार पूर्वांचल के एक पूर्व सांसद से जुड़ा हुआ है। वाराणसी में ट्रांसपोर्टर नितेश सिंह बब्लू की हत्याकांड में भी गिरधारी आरोपित है। बताया जाता है कि शार्प शूटर गिरधारी दोनों हाथों से असलहा चलाने में माहिर है।