भदोही। यूपी तो बाहुबलियों का इलाका है। यह हर एक जिले में कम से कम एक बाहुबली तो मिल ही जायेगा आपको। असल में अपराधी व माफिया के अपेक्षा बाहुबली शब्द सुनने में कुछ अच्छा भी लगता है, इसीलिए ऐसे सफेदपोश खुद को बाहुबली कहलवाने में शान की अनुभूति करते हैं। लेकिन अब ऐसे बाहुबलियों की शामत आई हुई है। विशेष रूप से बाहुबली विधायक विजय मिश्र के प्रकरण के बारे में कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है। तहसीलदार देवेंद्र यादव की अदालत ने नवधन में स्थित सरकारी भूमि से विजय मिश्र को बेदखल कर दिया। इस दौरान विजय मिश्र का बाहुबल भी किसी काम नहीं आया क्योंकि वह इस समय पूरी तरह से प्रशासन के शिकंजे में फंसे हुए हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन की टीम किसी भी वक्त सरकारी भूमि पर विजय मिश्र के किये गये अवैध निर्माण को ढहा सकती है लेकिन बाहुबली विधायक विजय मिश्र की ओर से इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दी गई है। उनका आरोप है कि उनके पक्ष को सुने बगैर यह आदेश जारी किया गया है।