दिल्ली। मोदी सरकार की कूटनीति रंग लाती हुई दिख रही है। मोदी सरकार के अथक प्रयास के कारण पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे सूची में डाल दिया गया था। जिसके कारण वह आर्थिक रूप से खस्ताहाल हो गया था। अंतरराष्ट्रीय दबाव व इससे बाहर निकलने के लिए पहली बार पाकिस्तान की ओर से यह स्वीकारोक्ति की गई है कि दाउद इब्राहिम उसके पास ही है। यह भारत की एक बहुत बड़ी जीत है क्योंकि अब तक पाकिस्तान इस बात से इंकार करता रहा है कि दाउद इब्राहिम पाकिस्तान में रह रहा है। वहीं पाकिस्तान की ओर से एलान किया गया है कि दाउद इब्राहिम समेत 88 आतंकी समूहों पर कार्रवाई की जायेगी। जिसके तहत इनके उपर वित्तीय प्रतिबंध लगाया जायेगा। इस लिस्ट में हाफिज सईद से लेकर मसूद अजहर तक का नाम शामिल है। पाकिस्तान सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है कि इन सभी की संपत्तियों को जब्त करके बैंक खातों को फ्रीज किया जाए। वैसे जानकारों का कहना है कि यह सब पाकिस्तान की नौटंकी है। जब—जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तब—तब वह ऐसा नाटक करता है। बाद में फिर से वह इन आतंकवादियों को खुली छूट व संरक्षण देने का काम करेगा।
वहीं 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट में दाउद भारत में वांछित है। भारत लंबे समय से इसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रहा है।